Friday, December 19

अंतुले को तो जाना ही था
शुक्रिया प्रधानमंत्री का जिन्होंने अल्प संख्यक मामलों के मंत्री ए आर अंतुले को चलता किया। मुझे हिंदुस्तान का एक नागरिक होने की वजह से इस बात से सख्त आपत्ति थी कि अंतुले इतना बकवास करके भी मंत्री कैसे बने रहंगे।
खुशी है कि कांग्रेस सरकार ने कम से कम इतना समझ लिया कि अंतुले जैसे लोग बकवास करके मंत्री नही बने रह सकते। आखिर ये सवाल देश हित का है। देश के इमेज का है।
इस लेखक ने अपने पिछले रिपोर्ट "क्या अंतुले मंत्री बने रहेंगे" में इस बात पर साफ़ ऐतराज़ किया था कि अंतुले को मंत्री पड़ से इस्तीफा दे देना चाहिए। शायद यही राय पूरे देश की थी। पूरे संसद की थी. आज जब सुबह-सुबह इस बात की मुझे टीवी के ज़रिये ख़बर मिली कि अंतुले को जाना पड़ा है, यकीनन मुझ जैसे लोगों को अच्छा लगा.
यह एक चेतावनी है बकवास करने वाले नेताओं के लिए कि देश हित के मुद्दे पर वोह सोच समझ कर बोलें. राजनीति अगर देश की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर बोलकर चमकाने की कोई कोशिश होती है तो उसका जवाब माँगा जाना बेहद लाज़मी है. मैं तो यही कहूँगा कि अगर मनमोहन सिंह सरकार पहले ही सख्ती से काम लेती तो ये दिन न देखना पड़ता. लेकिन देर से ही सही प्रधानमंत्री ने सही कदम उठाया है. . मुझे लग रह है कि उन्हें देश कि नब्ज़ का थोड़ा थोड़ा अंदाजा लगने लगा है.इसके लिए वोह साधुवाद के पात्र हैं.

2 comments:

Anonymous said...

लगता है अंतुले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब नही समझे थे।;) वैसे भी यह फैसला डाकटर साहब का नही। मैडम ने लिआ है।

सबकी कहानी said...

अब डॉक्टर साहिब को तो छोड़ दीजिये. वोह सीधे आदमी है. गलती से राजनीति में हैं.