मेरी बेटी मुझसे अक्सर सवाल करती है,
कि हर दिन टीवी चैनलों पर आतंकवादी क्यों आते रहते हैं,
हथियार लेकर,
उनकी कौन सी दुनिया है,
जहाँ से वो आते हैं,
हमारी दुनिया को बर्बाद करने,
क्या दुश्मनी है उनको हम सबसे,
पूछती है...पापा वोह भी तो हमारी तरह ही हैं...
पर कौन सा स्कूल जाते हैं वोह
कौन सा, कैसा गन्दा टीचर है उसका,
जो उनको कभी पनिश नही करता,
सिखाता नही है
हम तो कुछ बदमाशी नही भी करते हैं
फ़िर भी मिस निकालती है बड़ी बड़ी आंखें...
किसी से कोम्प्लैन करो, बदल दो उनके स्कूल,
या तो मैं ही शिकायत करूंगी बड़ी मिस से।
बदमाश हैं
भले ही मारा गया।
लेकिन पापा अब मैं तो कभी नही जाऊंगी मुंबई
मुझे ऐक्ट्रेस नही, अब तो खूब पढ़ना है.
मुझे डॉक्टर बनना है।
और लोगों का इलाज़ करना है...


6 comments:
काश वो अच्छे स्कुल में पढे़ होते!!
पूछती है...पापा वोह भी तो हमारी तरह ही हैं...
पर कौन सा स्कूल जाते हैं वोह
कौन सा, कैसा गन्दा टीचर है उसका,
जो उनको कभी पनिश नही करता,
सिखाता नही है
भोला मीठा बचपन .मीठी प्यारी बातें ..सच ही तो कहा ..बहुत प्यारा और सुंदर
सीधे सच्चे सवाल? काश इनका जवाब होता ।
उनकी दुनिया है आज से हजार साल से अधिक पुरानी ! उसमें से वे बाहर निकल नहीं पाते। हमारी दुनिया को वे पचा नहीं पाते। सो इसे वे समाप्त कर देना चाहते हैं। ताकि सारा संसार जिए आज से हजार, देढ़ हजार साल पहले की दुनिया में। काश इनके हथियार हमारी दुनिया के न होते, हजार, देढ़ हजार साल पहले की दुनिया के होते।
घुघूती बासूती
मेरे पास जवाब नही था सो मैं आज तक कोई जवाब नही दे पाया. जबकि सवाल इतना सरल है..
जिंदगी की खुशी इन्ही सवालों के जवाब में छिपी है।
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