तस्वीरों में भारत: यहाँ मैं हिंदुस्तान की अलग-अलग तसवीरें आपको दिखा रहा हूँ। पहली तस्वीर वो है जिसको देखकर आपको फख्र होगा। दूसरी तस्वीर वो है जो भारत की आत्मा पर लगातार चोट कर रहा है।
बल्कि यहाँ आपको यह बता रहा चंद्रयान ने चाँद की तरफ़ अपने कदम बढ़ा दिए हैं। कुछ हफ्ते के अन्दर हमारा चंद्रयान चाँद की सतह पर होगा। हमारे लिए ये गौरव की बात है कि भारत ने विकसित देशों के बीच अपनी धाक कायम कर ली है।
बावजूद इसके कि हिंदुस्तान एक विकासशील देश है। अभी भी हमारी इतनी बड़ी आबादी को भरपेट खाना नसीब नही होता है। लाखों बच्चे स्कूल नही जा पातेहैं। कुपोषण की वजह से हिंदुस्तान में लाखों बच्चे असमय ही मर जाते हैं। लेकिन हमें फ़िर भी फख्र है कि हमारे वैज्ञानिक इतना कुछ कर रहे हैं। 

चंद्रयान जब चाँद पर पहुंचेगा तो वहां से धरती बहुत छोटी नज़र आयेगी। हिन्दुस्तान एक बिन्दु मात्र जगह होगा। बड़े से अन्तरिक्ष में कुछ भी नही। चाँद पर हम हिंदुस्तान नही पूरी मानवता का संदेश लेकर जायेंगे। वहां न आग लगाने वाला राज ठाकरे होगा लालू होगा न अमर सिंह होगा. न मराठी होगा न पंजाबी होगा न गुजराती। हम माँ धरती के बेटे होंगे। चंद्रयान जो संदेश चाँद से प्रसारित करेगा उससे पूरी मानवता का फायदा होगा। हिंदुस्तान का।
अगला चरण है जिसमें चंद्रयान के साथ कुछ वैज्ञानिक भी जायेंगे। लेकिन ये भारत है किसका? क्या राज ठाकरे का, लालू का, मायावती का, अमर सिंह का। किसका? इनकी ओछी सोच देश को किस दिशा में धकेल रही है। भारत के अन्दर कितने भारत बना रहे हैं ऐसे लोग। जब हम अन्तरिक्ष से नीचे देखें तो हमें एक भारत नज़र आये। आज जब पूरी दुनिया छोटी हो रही है, लोग आपस में एक हो रहे हैं। ये नेता लोग क्या कर रहे हैं। हम तय करें कि ये वाकई हमारे देश को आगे ले जायेंगे या हमें ये हज़ारों साल पीछे धकेल रहे है। जो हिन्दुस्तान की भलाई चाहते हैं वो ज़रूर इस बात पर बहस करे।




