कभी सुना है तितली बम क्या होता है ??
कभी सुना था मच्छर बम क्या होता है ?
चौंकिए नही मैंने भी नही सुना था। लेकिन टीवी पर जब से तालिबान का जंग चल रहा है। नए-नए जुमले गढे जा रहे हैं। जंग को और अधिक रोमांचक बनने के तरीके निकाले जा रहे हैं। अभी रात के १० बजे तकरीबन ५ हिन्दी न्यूज़ चैनलों पर युद्ध के काले-काले बादल छाए हुए हैं। अफगानिस्तान से लेकर स्वात घाटी तक तोप गूँज रहे हैं। मिसाइल से निकली आग में बड़े-बड़े पर्वत जलकर स्वाहा हो रहे हैं..शहर के शहर धू-धू कर जल रहे हैं। सब कुछ तालिबान कर रहा है, करा रहा है।
अमेरिका में और ब्रिटेन में चल रहे एक भी चैनल में इन लड़ाईयों की कोई ख़बर नही है। बीबीसी और सी. एन. एन चुप बैठे हैं। लेकिन यहाँ युद्ध चालू है। हिन्दोस्तान के किसी भी भाषाई चैनलों पर लड़ाई की कोई झलक नही है...पंजाबी, मराठी, तमिल, भोजपुरी कहीं भी लड़ाई नही देख रहा हूँ।
सुबह से लेकर शाम तक लड़ाई। शायद चैनल चलाने वालों को ज़्यादा पता होगा कि क्या दिखाना चाहिए और क्या नही दिखाना चाहिए..लेकिन इतना तय है कि बाज़ार में बने रहने के लिए कुछ भी किया जाएगा। जो युद्ध की बात नही करेगा...वोह आज के समय में नही देखा जाएगा। कम से कम अभी का ट्रेंड तो यही कह रहा है। यू ट्यूब हाज़िर है।
स्क्रिप्ट लिखने के लिए दो चार कलम बाज़, लिख्हाड़ लोग बिठा लिए जायें तो प्राइम टाइम का काम तो निकल ही सकता है। समय के साथ अंदाज़ बादल जायेंगे...कल तक ओसामा था, फ़िर ओबामा ...और अब वापिस फ़िर तालिबान...आगे पता नही क्या होगा।
वोह दिन दूर नही जब पत्रकारों अपनी नौकरी छोड़ कर भाग जाएगा ...इसलिए कि उसे पर्वत , कंदराओं में , गुफाओं में शिवलिंग खोजने के लिए भेज दिया जाएगा। बल्कि भेजा जा रहा है। हिमालय के ग्लेशियर में उसे शंकर भगवन को खोजने कहा जाने लगेगा। हो सकता है हनुमान की जगह उसे संजीवनी बूटी लाने के लिए कहा जाए।
मेरा मतलब है पत्रकारिता को कितना गिराया जाएगा। पत्रकारों के लिए रह क्या जाएगा । जितने तितली बम और मच्छर बम बनेंगे....नुकसान ज़्यादा होगा भाई पत्रकारों का ही। पत्रकारिता का भला न तो बम बरसाने से होगा से होगा और न ही तितलियाँ उडाने से।
Wednesday, February 4
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6 comments:
इनके चक्कर में ही अब नये अविष्कार हुआ करेंगे. :)
कमाल है भाई साहिब...एक मच्छर बेचारा क्या क्या करेगा..?
आप सही कह रहे हैं। इनको देखकर तो लगता है कि अब बस जंग छिड़ ही गई है। इनकी असलियत जानने के लिये youtube पर जाकर search option में taliban type करें। इतने वीडियो मिलेंगे कि आप एक दिन में तो सारे देख भी नहीं पायेंगे। बस इन्हें डाउनलोड कर एडिट कर स्टोरी क्रियेट कर चैनल पर ही तो दिखाना है। कम मेहनत और पूरा मजा...
अगर इन न्यूज़ चैनल्स का बस चले तो ये तो ये न्यूज़ दे दे की भारत पाक की ज़ंग हो भी गई और पाक हार भी गया खासतोर पे india tv तो ऐसा करने में माहिर है
post achchi lagi
जितना जतन उतना पतन ..... ठीक ऐसा ही लगता है इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आजकल के चाल चलन को देखकर. सारे ऐसे हैं यह कहना शायद सही नही होगा. मगर कुछ चैनलों ने तो टी आर पी की रेस में सबकुछ भुला कर दर्शकों पर इमोशनल अत्याचार करना शुरू कर दिया है. अगर इनका बस चले तो परदे में से एक हाथ निकाल कर आपका रिमोट ही छीन ले और अपना चैनेल देखने पर जबरन मजबूर कर दे.
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