Monday, July 20

इस खाप पर बहस हो।


बहुत हो गया.एक बहस होनी चाहिए। एक सार्थक बहस होनी चाहिए खाप पंचायत को लेकर। हरियाणा के झज्जर में एक आग सुलग रही है। पंचायत इस बात पर आमादा हैं कि रविंदर और शिल्पा अपनी शादी तोड़कर तलाक़ ले लें। दरअसल दोनों एक ही गोत्र से हैं, इसलिए दोनों भाई बहन हुए.
यह पहली बार नही हो रहा है। गोत्र का गड्ड-मड्ड काफी बढता जा रहा है। लोगों कि ज़िन्दगी तबाह हो रही है..परिवार के परिवार अपने गाँव से उजड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
कई दफा खाप के पैरोकारों ने पत्नियों को मजबूर किया है कि वो अपने पति को राखी बाँधें। और ऐसा हुआ है। ऐसे दर्जनों लोग हर दिन पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दस्तक देते हैं कि माय-बाप जान बचा लो। अदालत के चक्कर काटकर इन्हें सुरक्षा मिल जाती है। शादी भी हो जाती है लेकिन फ़िर यह वापस अपने घर का मुंह नही देख पाते।
मुझे ऐसे कई जोडों से मिलने का मौका मिला है, जो पंजाब और हरियाणा में रह नही सके...और इन्हएं यहाँ से बहुत दूर मुंबई और पुणे में नौकरी करने के लिए भागना पड़ा है...रास्ता कोई और है नही...दिल्ली या पंजाब के किसी हिस्से में दिखे तो रातों रात इन्हें उठा लिया जाएगा और उनकी लाश यहाँ किसी नहर में तैरती मिलेगी...
यहाँ के नेता खुदगर्ज़ हैं। यह खाप का इस्तेमाल वोट बैंक के तौर पर करते हैं, इन्हें नाराज़ नही कर सकते। मेरा सुझाव है खाप के रोल पर बहस हो। आवाज़ समाज के अन्दर से आए तो बेहतर है। खाप में बैठे बूज़ुर्गों को यह यह हक नही है कि वोह पूरे समाज के चौधरी बन जायें। महिलाओं और युवाओं को बराबर की भागीदारी दें पंचायत में।
सरकारें कुछ करेगी नही। यह तय है। कदम युवाओं को उठाना पड़ेगा। रोकना पड़ेगा उस तालिबान को जो हर घर में मौजूद है।

3 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

आखिर इस गोत्र की पहेली को सुलझाया जाना चाहिए, जो बहस के पहले शोध मांगता है। हर तेरह पीढ़ी के उपरांत गोत्रों का पुनर्निर्धारण की बात मैं ने सुनी है। इस से विवाह आसान हो जाते हैं।

Shanker Bakshi said...

I completely agree with you, the govt should wake up now on this issue and come out with some solid solution. It getting out of control now.

जगदीश त्रिपाठी said...

एकदम सही कहा। इस पर पूर्ण विराम लगना ही चाहिए।