अब ये तालिबानी पंच और कितना खून करेंगे ?
आज सुबह-सुबह एक बुरी और मनहूस ख़बर मिली। गोत्र विवाद के चलते एक प्रेमी को हरियाणा के सिंहवाल गाँव में पीट-पीट कर मार दिया गया। अब तक तो शायद इस ख़बर को आपने न्यूज़ चैनलों में देख ही लिया होगा। घटना ह्रदय विदारक थी। हमने दो दिन पहले इस ब्लॉग पर ख़बरदार किया था कि खाप को रोकने के लिए जल्दी कदम उठाये जायें नही कई हत्याएं होंगी।
जींद के रहने वाले वेदपाल ने मार्च महीने में सोनिया नाम की एक लड़की से शादी की थी. लड़की के मां-बाप ने उसकी शादी कहीं और तय कर रखी थी। कई महीने तक दोनों गायब भी रहे। शादी करने के बाद लड़की को अपने घर ले जाने के लिए वेदपाल पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से वॉरंट भी ले आया। लेकिन इतना काफी नही था। गाँव और घरवालों ने वॉरंट ऑफिसर को भी पीट कर भगा दिया। वेदपाल मौके पर डटा रहा और मुहब्बत के नाम पर शहीद हो गया। यहाँ अदालत की चली, न पुलिस की और लड़के वालों की। गाँव वालों ने बता दिया कि हरियाणा में तालिबान पंचायत की चलती है। कुछ दिनों पहले ही नरवाना में हुयी पंचायत ने बता दिया था कि वो कोर्ट को नही मानते। खाप और पंचायत सबसे ऊपर है।
आत्म सम्मान या और कुछ ?
लड़की के घरवालों और कुछ गाँव वालों को नामजद किया गया है इस पूरे मामले में। हो सकता कि इन लोगों की गिरफ्तारी होगी। लेकिन आपको यह बता दूँ यह कोई पहला मामला नही होगा। पहले भी लोगों ने हत्याएं की हैं। पहली भी गिरफ्तारियां हुयी हैं। ज्यादातर मामलों में हत्या करने वालों ने अपना गुनाह कबूल किया है।
यह बिल्कुल ओव्नर किल्लींग है। इस तरह की हत्या के पीछे यह भावना होती है कि किसी तरह परिवार के आत्म सम्मान को वापस किया जाए। नही तो गाँव और समाज के लोग इन्हें जिंदा नही रहने देंगे। जिंदा मार देंगे।
आत्म सम्मान के लिए की जाने वाली हत्याओं का रिकॉर्ड काफी पुराना है। पूरे अफगानिस्तान, पाकिस्तान,पंजाब, हरियाणा सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में इस तरह की हत्याओं का जिक्र कई सौ सालों से मिलता है।


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