Monday, August 17

कब तक खाप का कलंक ढोएगा हरियाणा ?

खाप नहीं बनायेगा कल का भारत !
खाप जब कोई तुगलकी फैसला लेता है, तो हमारी प्रतिक्रिया यही होती है कि सरकार क्यों नहीं कुछ करती है? न्यायपालिका क्यों नहीं कुछ करती है? हमें लगता है कि समाज ६ ठी सदी में वापस जा रहा है। सभ्य समाज की कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया होगी। लेकिन आज़ादी एक इतने सालों बाद भी हम इस सोच को क्यों नहीं बदल सके। क्यों समाज में महिलाऐं इस स्थिति में आ सकी कि वो अपना अधिकार मांग सके. हमारे गृह मंत्री पी चिदंबरम सही कहते हैं कि प्रेमी जोडों कि हत्या भारत के सर पर कलंक है. लेकिन हरियाणा में कौन इस खाप के गले में घंटी बांधे. कांग्रेस अपने शुभ हाथों से ये काम नहीं करेगी. कांग्रेस का सत्ता में वापस आने का पूरा इमकान है. और खाप को नाराज़ करें कौन. सवाल हरियाणा के नेताओं से है कि इन खाप को नाराज़ करने पर वोट बैंक पर कितना सर पड़ेगा?? इन तमाम सवालो के जवाब तलाशती ये रपट. पूरा पढने के लिए जाइये एनडीटीवी इंडिया पर।
सौजन्य: एनडीटीवी इंडिया से
http://khabar.ndtv.com/2009/08/17171346/ColumnBraj170809.html

1 comments:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

अच्छी रपट है। पढ़ चुका हूँ। बधाई!