हरियाणा में हलकान विपक्ष---
ब्रज मोहन सिंह
हरियाणा में पिछले ३० साल से सियासत तीन लालों के इर्द-गिर्द घूमती रही है।बंसीलाल और देवीलाल अब रहे नहीं। भजनलाल भी अपने समय के लाल बुझक्कड़ हैं लेकिन अब उनका सिक्का नहीं चलता। सिक्का तो छोडिये अब उनसे उनका घर नहीं चलता। क़सूर भजनलाल का नहीं है, क़सूर उम्र का है, तक़दीर का है। पिछले चुनाव में उनको पटकनी देकर भूपिंदर सिंह हूडा हरियाणा की सत्ता पर काबिज़ हो गए। उनके बेटे कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस से बगावत कर अपनी नयी पार्टी बना ली। लेकिन उनकी नेतागिरी चमकी नहीं। बहुजन समाज पार्टी के साथ किया गया उनका करार चुनाव से पहले ही टूट गया। देवीलाल के सुपुत्र ओमप्रकाश चौटाला अपने तेवर नहीं दिखा पा रहे हैं, चौटाला के सुपुत्र अजय और अभय तीन कदम आगे चलकर दो कदम पीछे आ जाते हैं...बीजेपी का चौटाला परिवार से फिलहाल मोह भंग हो चुका है। विपक्षी पार्टियाँ आज किसी चौराहे पर खड़ी है। क्या करेगा विपक्ष...चुनाव क्या नए नतीज़े लेकर आएगा?
पढिये एनडीटीवी ख़बर डॉट कॉम पर....... (साभार---एनडीटीवी ख़बर डॉट कॉम ) http://khabar.ndtv.com/2009/09/07145043/ColumnBraj070909.html
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